एक बात सोचो तुम रोज सुबह 9:00 बजे ऑफिस जाते हो। शाम को 6:00 बजे थके हुए घर लौटते हो। महीने के आखिर में एक फिक्स सैलरी आती है। ना कम ना ज्यादा। क्या तुम्हारी इनकम सिर्फ इसी एक सैलरी पर टिकी रहनी चाहिए?
ज्यादातर लोग सोचते हैं साइड इनकम शुरू करने के लिए नौकरी छोड़नी पड़ती है या फिर बहुत ज्यादा टाइम चाहिए जो नौकरी करते हुए मिलता ही नहीं। लेकिन सच यह है दुनिया में लाखों लोग अपनी नौकरी के साथ-साथ शाम के 2 घंटे या वीकेंड के कुछ घंटे निकालकर एक दूसरी इनकम स्ट्रीम खड़ी कर लेते हैं।
आज मैं तुम्हें सात ऐसे साइड इनकम आइडियाज बताऊंगा जो पूरी तरह नौकरी के साथ चल सकते हैं बिना जॉब छोड़े।
ध्यान रखना। नंबर तीन और नंबर चार वो आइडियाज हैं जिन्हें ज्यादातर सैलरी वाले लोग शुरू में इग्नोर कर देते हैं। जबकि यही सबसे तेज रिटर्न देते हैं।
पहले यह समझो नौकरी करते हुए साइड इनकम शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
तुम्हारे पास पहले से एक फिक्स्ड सैलरी है। इसलिए रिस्क बहुत कम है। अगर साइड इनकम शुरुआत में कम भी आए तो तुम्हारी जिंदगी नहीं रुकती। यह सेफ्टी नेट तुम्हें एक्सपेरिमेंट करने की आजादी देता है। जो पूरी तरह बिजनेस पर निर्भर लोगों के पास नहीं होती।
आईडिया नंबर एक:-
फ्रीलांसिंग। अगर तुम्हें राइटिंग, डिजाइनिंग, कोडिंग या कोई भी प्रोफेशनल स्किल आती है तो शाम के दो-तीन घंटे निकालकर छोटे प्रोजेक्ट्स लेना शुरू करो। कंपनी की नौकरी से जो स्किल तुम पहले ही सीख चुके हो वही स्किल फ्रीलांस मार्केट में बेच सकते हो। शुरुआत में रेट कम मिलेगा लेकिन धीरे-धीरे पोर्टफोलियो बनने के साथ रेट बढ़ता जाता है।
आईडिया नंबर दो:-
ऑनलाइन ट्यूटरिंग। अगर तुम्हें कोई सब्जेक्ट, कोई लैंग्वेज या कोई भी नॉलेज अच्छे से आती है तो शाम को एक या दो घंटे ऑनलाइन क्लासेस ले सकते हो। इसके लिए किसी बड़े इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं। बस तुम्हारा नॉलेज ही तुम्हारा प्रोडक्ट है। एक बार दो-चार स्टूडेंट्स बन गए। रेफरल से बाकी अपने आप आने लगते हैं।
आईडिया नंबर तीन:-
और यह वो आईडिया है जिसे ज्यादातर लोग शुरू में हल्के में लेते हैं। कंटेंट क्रिएशन। तुम रोज ऑफिस जाते हो। तुम्हारे पास एक्सपीरियंस है, नॉलेज है, स्टोरीज है। उसी को हफ्ते में दो-तीन बार शॉर्ट वीडियो या पोस्ट के रूप में शेयर करना शुरू करो। शुरुआत में व्यूज कम आएंगे। कोई रिजल्ट नहीं दिखेगा। लेकिन 6 महीने की कंसिस्टेंसी के बाद यह ब्रांड डील्स स्पॉन्सरशिप और एफिलिएट इनकम में बदल सकता है। वह भी सिर्फ मोबाइल फोन से शुरू करके।
आईडिया नंबर चार:-
एफिलिएट मार्केटिंग। अगर तुम्हारे पास सोशल मीडिया पर छोटी भी ऑडियंस है या तुम अच्छे प्रोडक्ट्स के बारे में जानते हो तो उनके एफिलिएट लिंक शेयर करना शुरू करो। इसमें ना कोई प्रोडक्ट बनाना है ना इन्वेंटरी रखनी है। बस एक बार सही कंटेंट बना दो। वो महीनों तक कमीशन कमाता रहता है। तुम्हारे ऑफिस में होते हुए भी।
आईडिया नंबर पांच:-
स्टॉक मार्केट में एसआईपी और डिविडेंड इन्वेस्टिंग यह सबसे पैसिव तरीका है क्योंकि इसमें रोज का टाइम बिल्कुल नहीं चाहिए। महीने की सैलरी से एक फिक्स्ड अमाउंट अच्छी कंपनीज में लगाते जाओ। शुरुआत में ग्रोथ धीमी लगेगी लेकिन सालों में यह कंपाउंडिंग की ताकत से एक मजबूत इनकम सोर्स बन जाता है। बिना तुम्हारे रोज कुछ किए
आईडिया नंबर छह:-
और यह सबसे अंडरएस्टीटेड आईडिया है। रिसेलिंग या स्माल स्केल ई-कॉमर्स। कई ऐसे प्लेटफार्म है जहां तुम बिना इन्वेस्टमेंट के प्रोडक्ट्स की कैटलॉग अपने सोशल मीडिया या WhatsApp पर शेयर कर सकते हो। ऑन अर्डर आने पर कंपनी खुद डिलीवर करती है। तुम्हें कमीशन मिलता है। यह काम पूरी तरह वीकेंड और शाम के फ्री टाइम में हो सकता है। बिना ऑफिस के काम में कोई दखल दिए।
आईडिया नंबर सात:-
रेंटल इनकम। अगर तुम्हारे पास कोई एक्स्ट्रा रूम है, एक गाड़ी है या कोई भी रिसोर्स है जो ज्यादातर समय खाली पड़ा रहता है, उसे रेंट पर दो। यह सबसे कम एफर्ट वाला साइड इनकम है। क्योंकि एक बार सेटअप होने के बाद हर महीने बिना किसी एक्स्ट्रा काम के फिक्स्ड इनकम आती रहती है।
एक रियलिटी चेक और सुनो।
बहुत से लोग सोचते हैं टाइम नहीं है इसलिए साइड इनकम शुरू नहीं कर सकते। लेकिन सच यह है हर किसी के पास दिन में कहीं ना कहीं दो-तीन घंटे ऐसे होते हैं जो सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में, वेब सीरीज देखने में या बिना मतलब के निकल जाते हैं। जो लोग इसी टाइम को थोड़ा सा साइड इनकम की तरफ मोड़ देते हैं वही कुछ महीनों में फर्क देखना शुरू करते हैं। अब हर आईडिया को थोड़ा और गहराई से समझते हैं।
फ्रीलांसिंग में सबसे जरूरी है पहला क्लाइंट पाना। भले ही रेट कम हो। एक बार एक अच्छा रिव्यू या पोर्टफोलियो पीस मिल गया। फिर अगले क्लाइंट्स मिलना आसान हो जाता है।
ऑनलाइन ट्यूटरिंग में सबसे बड़ी ताकत है भरोसा। एक बार पेरेंट्स या स्टूडेंट्स को तुम्हारे पढ़ाने का तरीका पसंद आ गया। वह लंबे समय तक जुड़े रहते हैं और नए स्टूडेंट्स भी रेफर करते हैं।
कंटेंट क्रिएशन में सबसे जरूरी है कंसिस्टेंसी ना कि परफेक्शन। पहले 10 वीडियो शायद किसी को पसंद ना आए। लेकिन जो लोग रुकते नहीं उनका कंटेंट धीरे-धीरे इंप्रूव होता है और सही ऑडियंस तक पहुंचने लगता है।
एफिलिएट मार्केटिंग में सबसे बड़ा फायदा है। यह तुम्हारी नौकरी के साथ बिना किसी टकराव के चल सकता है। तुम सिर्फ वो प्रोडक्ट सुझाते हो जो तुम खुद इस्तेमाल करते हो या भरोसा करते हो और बाकी काम कंपनी खुद संभालती है।
स्टॉक मार्केट एसआईपी में सबसे जरूरी है अनुशासन। हर महीने चाहे मार्केट ऊपर जाए या नीचे अपना फिक्स्ड अमाउंट लगाते रहना। यही आदत सालों बाद बड़ा फर्क बनाती है।
रिसेलिंग में सबसे जरूरी है सही प्रोडक्ट कैटेगरी चुनना जिसकी डिमांड तुम्हारे आसपास के लोगों में सबसे ज्यादा हो। जैसे कपड़े, कॉस्मेटिक्स या हाउसहोल्ड आइटम्स, रेंटल इनकम में सबसे जरूरी है सही प्राइसिंग और सही प्लेटफार्म चुनना ताकि तुम्हारा रिसोर्स जल्दी और सही कस्टमर तक पहुंचे।
अब एक जरूरी सच समझो।
यह सातों आइडियाज ओवरनाइट बड़ी इनकम नहीं देंगे। हर एक में शुरुआत में थोड़ा टाइम, थोड़ा एफर्ट और थोड़ा पेशेंस चाहिए। फ्रीलांसिंग में क्लाइंट्स ढूंढने में समय लगता है। कंटेंट क्रिएशन में ऑडियंस बनाने में महीने लगते हैं। स्टॉक मार्केट में रिटर्न दिखने में सालों लग सकते हैं।
लेकिन जो लोग नौकरी के साथ-साथ बिना जल्दबाजी के 3 से 6 महीने तक कंसिस्टेंटली कोई एक आईडिया चलाते हैं, वही असली रिजल्ट देख पाते हैं। यही सबसे बड़ा फायदा है नौकरी करते हुए साइड इनकम शुरू करने का। तुम्हारी सैलरी तुम्हारा सेफ्टी नेट है और साइड इनकम तुम्हारा ग्रोथ इंजन। जब यह दोनों साथ चलते हैं, तभी असली फाइनेंशियल फ्रीडम की शुरुआत होती है।
जो लोग सिर्फ सैलरी पर निर्भर रहते हैं, वह हमेशा एक ही इनकम सोर्स के भरोसे रहते हैं। लेकिन जो लोग साइड इनकम बनाना शुरू कर देते हैं, वह धीरे-धीरे अपनी सैलरी से आजाद होने लगते हैं। तो शुरुआत कैसे करें? सातों आइडियाज एक साथ मत पकड़ो।
देखो तुम्हारे पास क्या ऑलरेडी है? कोई स्किल, कोई नॉलेज, कोई एक्स्ट्रा रिसोर्स या थोड़ा सा सेविंग्स जो भी सबसे आसान लगे वहां से शुरू करो। हफ्ते में सिर्फ 5-6 घंटे भी काफी हैं अगर वह कंसिस्टेंट हो। याद रखना बड़ी इनकम एक दिन में नहीं बनती। यह हर हफ्ते के छोटे-छोटे एफर्ट से धीरे-धीरे बनती है।